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hor-politician Late Shankar Dayal Singh
on 27 December 2011; 11:00 am at the IIC Annexie, Lodi Road, New Delhi 
On Sun, Dec 25, 2011 at 1:05 PM, Shankar Amrit Mahotsava
<shankarsmiriti@parijat.co.in> wrote:

75th Birth Anniversary of eminent aut







सादर आमंत्रण हर दिल अज़ीज़ साहित्यकार-सांसद स्वर्गीय शंकर दयाल सिंह जी का ७५ वां जन्मदिन आगामी २७ दिसम्बर को है. इस अवसर को अमृत महोत्सव के तौर पर मानाने का निर्णय लिया गया है. अमृत महोत्सव के कार्यक्रम २७ दिसम्बर २०११ से आरम्भ हो कर २७ दिसम्बर २०१२ तक चलेंगे. इस बीच दिल्ली के आलावा पटना, रांची, औरंगाबाद, गोवा, इंदौर, चेन्नई तथा ऋषिकेश में कार्यक्रमों की श्रंखला चलायी जाएगी. इसी बीच उनकी स्मृति में ग्रन्थ का प्रकाशन भी किया जा रहा है, जिसे उपयुक्त समय पर माननीय राष्ट्रपतिजी को भेंट किया जायेगा. शंकर दयाल सिंह अमृत महोत्सव का आरम्भ मंगलवार, २७ दिसम्बर २०११ को सुबह १०-३० बजे दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर अन्नेक्सीमें आयोजित स्मृति सभा के साथ किया जा रहा है. माननीय डॉक्टर कर्ण सिंह जी, अध्यक्ष, भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद, समारोह के अध्यक्ष ह…

मुंशी प्रेमचन्द की 51 कहानियाँ

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संकलन - राहुल त्यागी

Tuesday, January 22, 2008
मंत्रसंध्या का समय था। डाक्टर चड्ढा गोल्फ खेलने के लिए तैयार हो रहे थे। मोटर द्वार के सामने खड़ी थी कि दो कहार एक डोली लिये आते दिखायी दिये। डोली के पीछे एक बूढ़ा लाठी टेकता चला आता था। डोली औषाधालय के सामने आकर रूक गयी। बूढ़े ने धीरे-धीरे आकर द्वार पर पड़ी हुई चिक से झॉँका। ऐसी साफ-सुथरी जमीन पर पैर रखते हुए भय हो रहा था कि कोई घुड़क न बैठे। डाक्टर साहब को खड़े देख कर भी उसे कुछ कहने का साहस न हुआ।
डाक्टर साहब ने चिक के अंदर से गरज कर कहा—कौन है? क्या चाहता है?
डाक्टर साहब ने हाथ जोड़कर कहा— हुजूर बड़ा गरीब आदमी हूँ। मेरा लड़का कई दिन से.......
डाक्टर साहब ने सिगार जला कर कहा—कल सबेरे आओ, कल सबेरे, हम इस वक्त मरीजों को नहीं देखते।
बूढ़े ने घुटने टेक कर जमीन पर सिर रख दिया और बोला—दुहाई है सरकार की, लड़का मर जायगा! हुजूर, चार दिन से ऑंखें नहीं.......
डाक्टर चड्ढा ने कलाई पर नजर डाली। केवल दस मिनट समय और बाकी था। गोल्फ-स्टिक खूँटी से उतारने हुए बोले—कल सबेरे आओ, कल सबेरे; यह हमारे खेलने का समय है।
बूढ़े ने पगड़ी उतार कर चौखट पर रख दी और रो…