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‘गोरख पाण्डेय’ की कविताएं

वीरेन्द्र खरे 'अकेला'

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प्रस्तुति-- राकेश गांधी, अभिषेक रस्तोगी

इस लेख में अत्यधिक पेचीदा जानकारी है जिसमें केवल कुछ विशिष्ट पाठकों को ही रुचि होगी।
कृपया विकिपीडिया के लिये अनुपयुक्त जानकारी हटाएँ और उपयुक्त जानकारी का सही तरीके से समावेश करें। (सितंबर 2014) यह लेख तटस्थ दृष्टिकोण की जगह एक प्रशंसक के दृष्टिकोण से लिखा है। कृपया इसे तटस्थ बनाने में, और इसकी गुणवत्ता सुधारने में मदद करें(सितंबर 2014) इस जीवित व्यक्ति की जीवनी में कोई भी स्रोत अथवा संदर्भ नहीं हैं। कृपया विश्वसनीय स्रोत जोड़कर इसे बेहतर बनाने में मदद करें
जीवित व्यक्तियों के बारे में विवादास्पक सामग्री जो स्रोतहीन है या जिसका स्रोत विवादित है तुरंत हटाई जानी चाहिये, खासकर यदि वह मानहानिकारक अथवा नुकसानदेह हो। (अगस्त 2014)वीरेन्द्र खरे ‘अकेला’
चित्र:वीरेन्द्र खरे 'अकेला'.JPEGउपनाम:अकेलाजन्म:१८ अगस्त, १९६८,
छतरपुर, मध्य प्रदेश, (भारत)कार्यक्षेत्र:हिंदी ग़ज़लकार, गीतकार और शिक्षकराष्ट्रीयता:भारतीयभाषा:हिन्दीकाल:इक्कीसवीं शताब्दीविधा:कविता, लेख, कहानीप्रमुख कृति(याँ):शेष बची चौथाई रात (ग़ज़ल संग्रह), सुबह की दस्तक (ग़ज़ल-गीत संग्रह), अंगारो…

‘गोपालदास ‘नीरज’’की प्रमुख रचनाएं

प्रस्तुति-- राहुल मानव, राकेश,. समिधा
दिल्ली
कविताओं की श्रेणीसाहित्य के पुरस्कारमहत्वपूर्ण तथ्यरचनाकारों की सूचीहिन्दी टाइपिंगमुखप्रष्ठ » ‘गोपालदास ‘नीरज’है बहुत अंधियार अब सूरज निकलना चाहिये -गोपालदास 'नीरज' स्वप्न झरे फूल से, मीत चुभे शूल से -गोपालदास 'नीरज' सेज पर साधें बिछा लो -गोपालदास 'नीरज' साँसों के मुसाफिर -गोपालदास 'नीरज' विश्व चाहे या न चाहे -गोपालदास 'नीरज' लेकिन मन आज़ाद नहीं है -गोपालदास 'नीरज' यदि मैं होता घन सावन का -गोपालदास 'नीरज' मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं -गोपालदास 'नीरज' मैं तुम्हें अपना -गोपालदास 'नीरज' मैं अकंपित दीप -गोपालदास 'नीरज' मेरा गीत दिया बन जाए -गोपालदास 'नीरज' मेरा इतिहास नहीं है -गोपालदास 'नीरज'

गोपालदास नीरज

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प्रस्तुति- किशोर प्रियदर्शी, मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से


काव्य पाठ करते हुए नीरजउपनाम:'नीरज'जन्म:4 जनवरी 1925 (आयु 89)
ग्राम पुरावली, जिला इटावा, उत्तर प्रदेश, भारतकार्यक्षेत्र:कवि सम्मेलन,
50 वर्षों से निरन्तर मंच पर काव्य पाठराष्ट्रीयता:भारतीयभाषा:हिन्दीकाल:बीसवीं शताब्दीविधा:गद्य, पद्य, गीतविषय:गीतकार, फ़िल्मसाहित्यिक
आन्दोलन
:काव्य मंचों पर साहित्यिक रचना की प्रस्तुतिप्रमुख कृति(याँ):दर्द दिया है (पुरस्कृत), आसावरी (सचित्र),
मुक्तकी (सचित्र), लिख-लिख भेजत पाती (पत्र संकलन)
पन्त-कला, काव्य और दर्शन (आलोचना)
गोपालदास नीरज (जन्म: 4 जनवरी 1925, ग्राम: पुरावली, जिला इटावा, उत्तर प्रदेश, भारत), हिन्दी साहित्य के लिये कॉलेज में अध्यापन से लेकर कवि सम्मेलन के मंचों पर एक अलग ही अन्दाज़ में काव्य वाचन और फ़िल्मों में गीत लेखन के लिये जाने जाते हैं। वे पहले व्यक्ति हैं जिन्हें शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में भारत सरकार ने दो-दो बार सम्मानित किया, पहले पद्म श्री से, उसके बाद पद्म भूषण से। यही नहीं, फ़िल्मों में सर्वश्रेष्ठ गीत लेखन के लिये उन्हें लगातार तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार भी मि…