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पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र'

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प्रस्तुति-- अमन कुमारत्यागी


पांडेय बेचन शर्मा "उग्र" (१९०० - १९६७) हिन्दी के साहित्यकार एवं पत्रकार थे
का जन्म उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के अंतर्गत चुनार नामक कसबे में पौष शुक्ल 8, सं. 1957 वि. को हुआ था। इनके पिता का नाम वैद्यनाथ पांडेय था। ये सरयूपारीण ब्राह्मण थे। ये अत्यंत अभावग्रस्त परिवार में उत्पन्न हुए थे। अत: पाठशालीय शिक्षा भी इन्हें व्यवस्थित रूप से नहीं मिल सकी। अभाव के कारण इन्हें बचपन में राम-लीला में काम करना पड़ा था। ये अभिनय कला में बड़े कुशल थे। बाद में काशी के सेंट्रल हिंदू स्कूल से आठवीं कक्षा तक शिक्षा पाई, फिर पढाई का क्रम टूट गया। साहित्य के प्रति इनका प्रगाढ़ प्रेम लाला भगवानदीन के सामीप्य में आने पर हुआ। इन्होंने साहित्य के विभिन्न अंगों का गंभीर अध्ययन किया। प्रतिभा इनमें ईश्वरप्रदत्त थी। ये बचपन से ही काव्यरचना करने लगे थे। अपनी किशोर वय में ही इन्होंने प्रियप्रवास की शैली में "ध्रुवचरित्" नामक प्रबंधकाव्य की रचना कर डाली थी।
मौलिक साहित्य की सर्जना में ये आजीवन लगे रहे। इन्होंने काव्य, कहानी, नाटक, उपन्यास आदि क्षेत्रों में …

हिन्दी साहित्य के पहले इतिहासकार रामचन्द्र शुक्ल

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प्रस्तुति-- अमन कुमारत्यागी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से जन्म:४ अक्टूबर, १८८४
बस्ती, उत्तर प्रदेश, भारतमृत्यु:२ फरवरी,१९४१
भारतकार्यक्षेत्र:साहित्यकार, लेखक, निबंधकारराष्ट्रीयता:भारतीयभाषा:हिन्दीकाल:आधुनिक कालविधा:गद्यविषय:यात्रावृत्त, संस्मरणनिबंधसाहित्यिक
आन्दोलन
:आलोचनाएं, काव्य में रहस्यवाद, काव्य में अभिव्यंजनावाद, रस मीमांसाप्रमुख कृति(याँ):हिंदी साहित्य का इतिहास, चिंतामणि, हिंदी शब्द सागर, नागरी प्रचारिणी पत्रिकाआचार्य रामचंद्र शुक्ल (४ अक्टूबर, १८८४-२ फरवरी, १९४१) बीसवीं शताब्दी के हिन्दी के प्रमुख साहित्यकार हैं। उनका जन्म बस्ती, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनके द्वारा लिखी गई सर्वाधिक महत्वपूर्ण पुस्तक है हिन्दी साहित्य का इतिहास, जिसके द्वारा आज भी काल निर्धारण एवं पाठ्यक्रम निर्माण में सहायता ली जाती है। शुक्ल जी ने इतिहास लेखन में रचनाकार के जीवन और पाठ को समान महत्व दिया। हिंदी में पाठ आधारित वैज्ञानिक आलोचना का सूत्रपात उन्हीं के द्वारा हुआ। हिन्दी निबंध के क्षेत्र में भी शुक्ल जी का महत्वपूर्ण योगदान है। भाव, मनोविकार संबंधित मनोविश्लेषणात्मक निबंध उनके प्रमुख हस्ताक्षर …

कलम के जादूगर रामवृक्ष बेनीपुरी

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प्रस्तुति-- देवेन्द्र किशोर


भारत डिस्कवरी प्रस्तुति लेख ♯ (प्रतीक्षित) गणराज्यकलापर्यटनदर्शनइतिहासधर्मसाहित्यसम्पादकीयसभी विषय ▼ रामवृक्ष बेनीपुरी पूरा नामरामवृक्ष बेनीपुरी जन्म23 दिसम्बर, 1899जन्म भूमिमुजफ्फरपुर, बिहारमृत्यु9 सितम्बर, 1968मृत्यु स्थानबिहारकर्म भूमिभारतकर्म-क्षेत्रसाहित्य प्रसिद्धिस्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, साहित्यकार, नाटककार, कहानीकार, निबन्धकार, उपन्यासकारनागरिकताभारतीय विशेषरामवृक्ष बेनीपुरी की आत्मा में राष्ट्रीय भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी, इन्होंने 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम' में आठ वर्ष जेल में बिताये थे। अन्य जानकारीआप 1957 में बिहारविधान सभा के सदस्य भी चुने गए थे। सादा जीवन और उच्च विचार के आदर्श पर चलते हुए इन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में बहुत काम किया था। इन्हें भी देखेंकवि सूची, साहित्यकार सूचीरामवृक्ष बेनीपुरी (अंग्रेज़ी: Ramvriksh-Benipuri; जन्म- 23 दिसम्बर, 1899., मुजफ्फरपुर, बिहार; मृत्यु-