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रसभरी प्रेम कविताओं में कतरा कतरा दर्द

मधुकर शाह बुंदेला 1857 नहीं 1842 में हुआ था पहला विद्रेह

1842 में बुंदेलखंड में वीर मधुकर शाह ने किया था अंग्रेजों के खिलाफ पहला विद्रोह

प्रस्तुति-  शैलेन्द्र किशोर

फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव के निर्देशन में होगा नाटक का मंचन
30 एवं 31 दिसंबर और 1 जनवरी को होगी नाटक की प्रस्तुति
संदीप तिवारी -!- सागर
देश के स्वाधीनता संग्राम की बात आती है, तो सभी को 1857 की क्रांति याद आ जाती है। देश की पहली क्रांति इसे ही माना जाता है। यह बात शायद चंद लोग ही जानते होंगे कि अंग्रेजी हुकूमत के 
















खिलाफ पहला विद्रोह 1857 की क्रांति से भी करीब 15 साल पहले हो चुका था। वर्ष 1842 में बुंदेलखंड के मधुकर शाह बुंदेला ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था। इसे ‘बुंदेला विद्रोह’ कहा जाता है। ‘सागर गजेटियर’ में भी इसका उल्लेख है। सीधी सी बात है 1857 की क्रांति इसके बाद ही हुई। इस पर केंद्रित नाटक का मंचन 30 एवं 31 दिसंबर को शाम 7 बजे से एवं 1 जनवरी 2014 को दोपहर 1 और शाम 7 बजे से डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में होगा।
नाटक के माध्यम से समझ सकेंगे लोग : वीर मधुकर शाह बुंदेला के गौरवपूर्ण कार्य और उनके जीवन पर फिल्म अभिनेता गो…

गरीब भारत की कथा व्यथा

जड़ों की महानता का गीत

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Bharat Prasad भरत प्रसाद  · माह की कविता : जड़ों की महानता का गीत

जैसे शब्द शब्द में छिपा है
ह्रदय में बरसते अर्थों का जादू
जैसे वाणी में छिपी है
असीम वेदना की ऊँचाई
जैसे शरीर , हर माँ की कीमत सिद्ध करती है
वैसे ही हर माँ से उठती है
पृथ्वी जैसी गंध
वृक्षों से झरती है , जड़ों की महानता
गूंजती है कल्पना में
सृष्टि की महामाया
धूल – मिट्टी में
अपने प्राणों की पदचाप सुनाई देती है
दाने –दाने में जमा है
अनादि काल से बहता हुआ
आदमी का खून

भरत प्रसाद / हिन्दी मय

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परिचय
जन्म : 1 अगस्त 1971, हरपुर, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश
भाषा : हिंदीविधाएँ : कविता, कहानी, आलोचना मुख्य कृतियाँ
कविता संग्रह : एक पेड़ की आत्मकथा
कहानी संग्रह : और फिर एक दिन
आलोचना : नई कलम : इतिहास रचने की चुनौती
अन्य : देसी पहाड़ परदेसी लोग, सृजन की इक्कीसवीं सदी
संपादन : सदी के शब्द प्रमाण ('जनपथ' पत्रिका का युवा कविता विशेषांक
सम्मान
सृजन-सम्मान, अम्बिका प्रसाद दिव्य रजत अलंकरण, युवा शिखर सम्मान
संपर्क
एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय, शिलांग-793022 (मेघालय)
फोन
0364-2726520 (आवास), मो. 0963076138, 09774125265
ई-मेल
deshdhar@gmail.com हिंदी समय में भरत प्रसाद की रचनाएँ

कविताएँ
कैसे कह दूँ ?गंगा का बनारसचाह रहा हूँपसीने की एक-एक बूँदमैं क्या करूँ ?मेरी माटी ! तु